Bangladesh Crisis : बांग्लादेश में तेल की कीमतों में इतिहास की सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी, श्रीलंका जैसे संकट की दस्तक, मौके का फायदा उठाएगा चीन?

ढाका: भारत के पड़ोसी देशों में लगातार संकट बढ़ रहा है। श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो गई है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अपनी आखिरी सांस ले रही है। तो वहीं अब भारत के एक और पड़ोसी देश संकट की ओर बढ़ रहा है। ये देश है बांग्लादेश। बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है। महंगाई अपने चरम पर है। बांग्लादेश की सरकार अब IMF से लोन मांग रही है। लेकिन इसी बीच बांग्लादेश ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिससे महंगाई बढ़ना और तय माना जा रहा है। बांग्लादेश ने पेट्रोल की कीमतों में एक साथ 51.7 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

पेट्रोल की कीमतों में ये बढ़ोतरी 1971 में बांग्लादेश के आजाद होने के बाद सबसे उच्चतम है। पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल के बाद जनता में आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में दिख रहा है कि तेल में बढ़ोतरी की घोषणा के तुरंत बाद पेट्रोल पंप पर हजारों लोगों की भीड़ लग गई। हर कोई अपने गाड़ियों के टैक को फुल करा रहा था। इस दौरान कई जगहों पर पेट्रोल पंप ने फायदा उठाया और घोषणा के तुरंत बाद पंप को बंद कर दिया। बढ़ी हुई कीमतों के आधार पर रात 12 बजे के बाद पेट्रोल पंप वापस शुरू किया।

कितना बढ़ा पेट्रोल का दाम
बांग्लादेश की सरकार ने शुक्रवार की रात ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी करते हुए पेट्रोल को 135 टका (112 रुपए) कर दिया। पेट्रोल का पिछला दाम 89 टका (74 रुपए) था। डीजल और केरोसिन के दाम में भी 42.5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई और इसका दाम 114 टका (95.11) रुपए लीटर कर दिया गया। बांग्लादेश की सरकार ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ती कीमतों के कारण ये फैसला लेना जरूरी हो गया है। बता दें कि रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण और कोरोना माहमारी के चलते दुनिया भर में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
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चीन के विदेश मंत्री पहुंचे बांग्लादेश की यात्रा पर
चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) इस समय एशिया के कई देशों के दौरे पर हैं। बांग्लादेश के आर्थिक संकट के बीच चीनी विदेश मंत्री ढाका पहुंचे। यहां पहुंच कर वांग यी ने बांग्लादेश का एक चीन नीति का समर्थन करने के लिए धन्यवाद कहा। चीन और बांग्लादेश ने आपदा प्रबंधन, सांस्कृतिक सहयोग, समुद्री विज्ञान और पिरोजपुर में 8वां बांग्लादेश-चीन मैत्री पुल सौंपे जाने के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।

Source NBT

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