DNA with Sudhir Chaudhary: दुनिया में आधे लोग अपनी नौकरी से खुश क्यों नहीं? स्टडी में सामने आ गई वजह

DNA on people not being happy with their jobs: क्या आप अपनी नौकरी या अपने काम से खुश हैं? आपका अपनी नौकरी और अपने काम से खुश (Job Satisfaction) होना इसलिए जरूरी है क्योंकि कोई भी इंसान अपने जीवन में सोने के बाद सबसे ज्यादा समय काम करते हुए बिताता है. पूरी दुनिया में हर व्यक्ति अपने जीवन में औसतन 81 हजार 396 घंटे यानी लगभग साढ़े 9 साल नौकरी या दूसरे काम करता है. लेकिन इसके बावजूद आज दुनियाभर में जो लोग नौकरी कर रहे हैं, वो इससे खुश नहीं हैं.

दुनिया में 60 प्रतिशत लोग अपने काम से असंतुष्ट

अमेरिका की Management Consulting Company, Gallup द्वारा की गई इस स्टडी के मुताबिक़ पूरी दुनिया में 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो अपनी नौकरी से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ महसूस नहीं करते. यानी इन लोगों को नौकरी के दौरान अपने काम से कोई खुशी (Job Satisfaction) नहीं मिलती. 19 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो ये मानते हैं कि उन्हें उनका काम और नौकरी उदास कर देते हैं. जबकि 44 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो काम के दौरान तनाव महसूस करते हैं. 40 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो नौकरी के दौरान चिंता से घिरे रहते हैं. ऐसे लोगों का स्वभाव चिड़चिड़ा होता है और उन्हें गुस्सा भी जल्दी आता है.

इसके अलावा दुनियाभर के लगभग आधे लोग ये मानते हैं कि नौकरी की वजह से उन्हें तनाव होता है, उन्हें गुस्सा आता है और इसके कारण वो अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी पूरा नहीं कर पाते. यानी पूरी दुनिया के आधे लोग अपने काम से इतने दुखी हैं कि उनका पारिवारिक जीवन भी उसकी वजह से खराब हो रहा है.

दक्षिण एशिया मे हालात और खराब: स्टडी

इसी स्टडी के मुताबिक दक्षिण एशिया के देशों में ये स्थिति और भी खराब है. इनमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, और अफगानिस्तान जैसे देश आते हैं.  ये स्टडी कहती है कि इन देशों में सिर्फ 11 प्रतिशत लोग ही अपनी नौकरी से खुश (Job Satisfaction) हैं. यानी दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले इन देशों के लोग जिसमें भारत भी है, वहां लोग अपनी नौकरी से सबसे ज्यादा निराशा और दुखी हैं. इसमें ये भी बताया गया है कि अगर आप लम्बे समय तक अपनी नौकरी से असंतुष्ट रहते हैं और तनाव महसूस करते हैं तो ये तनाव आपको अस्पताल के Emergency Room तक पहुंचा सकता है. यानी आप बीमार नहीं बहुत बहुत बीमार हो सकते हैं.

इसे आप कुछ और आंकड़ों से समझ सकते हैं. दक्षिण एशिया के देशों में 73 प्रतिशत लोगों को लगता है कि जिस प्रोफेशन में वो हैं या जो नौकरी वो कर रहे हैं, वो उनके लिए सही नहीं है. इस वजह से वो अपनी नौकरी से भावनात्मक रूप से जुड़े नहीं होते. ऐसे लोगों को हर दिन लगता है कि उन्हें अपनी नौकरी छोड़ कर कुछ और करना चाहिए. लेकिन परिवार और दूसरे सामाजिक कारणों की वजह से वो दुखी होते हुए भी अपनी नौकरी से अलग नहीं हो पाते.

49 प्रतिशत नौकरीपेशा लोग चिंता में रहते

इसके अलावा दक्षिण एशिया के इन देशों में 49 प्रतिशत नौकरीपेशा लोग चिंता में रहते हैं, 35 प्रतिशत तनाव में, 34 प्रतिशत गुस्से में और 42 प्रतिशत लोग अपनी नौकरी के दौरान खुद को दुखी महसूस करते हैं. भारत में ऐसे लोगों की संख्या काफी ज्यादा है, जहां लोग अपनी नौकरी से कभी भी संतुष्ट (Job Satisfaction) नहीं होते. चाहे उन्हें उनकी पसन्द की नौकरी ही क्यों ना मिल जाए. उन्हें काम करते समय तनाव और गुस्सा बहुत आता है.

बड़ी बात ये है कि भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों में सिर्फ 15 प्रतिशत ही लोग ऐसे हैं, जो अपनी सैलरी से संतुष्ट हैं. यानी इन देशों के 85 प्रतिशत लोगों को लगता है कि उनकी महीने की सैलरी पर्याप्त नहीं है और इसमें उनके लिए जीवनयापन करना मुश्किल है.

विश्व में 40 प्रतिशत लोग छोड़ना चाहते हैं नौकरी

ये स्टडी ऐसे समय में आई है, जब दुनिया में नौकरी छोड़ने का भी एक Trend देखा जा रहा है. जिसे The Great Resignation और The Great Quit नाम दिया गया है. इसी साल प्रकाशित हुई एक स्टडी में बताया गया था कि पूरी दुनिया में नौकरी करने वालों की संख्या 350 करोड़ है. अब इनमें से 40 प्रतिशत यानी 140 करोड़ लोग अपनी वर्तमान नौकरी छोड़ना चाहते हैं. इनमें से बहुत सारे लोग अब काम से ब्रेक लेना चाहते हैं, कुछ लोग अपना Career बदलना चाहते हैं, कुछ लोग रिटायर हो जाना चाहते हैं. बहुत सारे लोग मौजूदा नौकरी छोड़कर दूसरी नौकरी करना चाहते हैं. भारत में जितने लोग नौकरियां करते हैं, उनमें से भी 51 प्रतिशत अपनी Field छोड़कर किसी दूसरी Field में अपना Career बनाना चाहते हैं.

ये भी पढ़ें- DNA with Sudhir Chaudhary: योग किसी धर्म के लिए खतरा कैसे, क्या योग करने वाले लोग सच्चे मुसलमान नहीं?

लीडर्स-मैनेजर अच्छे हों तो तनाव कम

हालांकि इस नई रिपोर्ट में इस समस्या के कुछ समाधान भी बताए गए हैं. अगर आपके दफ्तर में ऐसे लीडर्स और मैनेजर हों, जो आपकी बात सुनते हों और आपका मार्गदर्शन करें तो आपको अपनी नौकरी में तनाव महसूस नहीं होगा. अगर आप अच्छा काम करते हैं और इसके लिए आपकी तारीफ की जाए और आपको ये महसूस कराया जाए कि आपकी भी कम्पनी में Value है तो आपको अपनी नौकरी और काम में तनाव महसूस नहीं होगा. जो लोग ऐसी माहौल के बीच काम करते हैं और जिन्हें नौकरी और काम में अपने लीडर्स का सहयोग मिलता है, वो बाकी लोगों की तुलना में अपने काम से ज्यादा संतुष्ट होते हैं.

Source Zee News

अपनी राय दें