यहूदी एजेंट… इजरायल से गुपचुप दोस्ती बढ़ा रहा पाकिस्तान! खुलासा हुआ तो इस्लामाबाद में मच गया ‘बवाल’

इस्लामाबाद/तेल अवीव: इजरायल को देश के तौर पर मान्यता नहीं देने वाला पाकिस्तान बैक चैनल से दोस्ती की पहल करते पकड़ा गया है। इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने कहा है कि उन्होंने हाल ही में पाकिस्तानी-अमेरिकियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है। उन्होंने इस मुलाकात को अद्भुत अनुभव बताया और कहा कि इससे साबित होता है कि मुस्लिम जगत का विचार इजरायल को लेकर बदल रहा है। इजरायली राष्ट्रपति के इस खुलासे के बाद पाकिस्तान में बवाल मच गया है। विपक्ष में बैठी इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने शहबाज शरीफ सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया है। पीटीआई के नेताओं ने शहबाज शरीफ सरकार को यहूदी एजेंट करार दिया है। वहीं, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया है।

‘यहूदी और मुसलमान एक साथ रह सकते हैं’
इसहाक हर्जोग ने 26 मई को स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में कहा कि यह महान परिवर्तन है, जो बहुत दुर्लभ होता है। उन्होंने अमेरिका की मदद से 2020 में हुए अब्राहम समझौते की खूब तारीफ की। हर्जोग ने कहा कि इस समझौते ने मुस्लिम जगत को इजरायल के करीब लाया और अब बाकी देशों का विचार भी इजरायल को लेकर बदल रहा है। इससे साबित होता है कि यहूदी और मुसलमान इस क्षेत्र में एक साथ रह सकते हैं। अब्राहम समझौते के कारण ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन के साथ इजरायल के राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे।

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इजरायली राष्ट्रपति ने मुस्लिम देशों के रुख में बदलाव को बताया
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अध्यक्ष बोर्ज ब्रेंडे ने पूछा कि आप अब्राहम समझौते बहुत अधिक महत्व दे रहे हैं। सहयोग के दायरे को बढ़ाने के लिए आप इसे कैसे देखेंगे? इसके जवाब में इजरायली राष्ट्रपति ने कहा कि हम इसे जीवन के सभी स्तरों में देख रहे हैं। मैं केवल यात्राओं के बारे में बात नहीं कर रहा हूं। हम सभी आर्थिक, वैज्ञानिक, नवाचार स्तरों पर रुचि देख रहे हैं, लेकिन मैं आपको व्यक्तिगत अनुभवों के बारे में और बताऊंगा। हर्ज़ोग ने कहा कि उन्हें पिछले सप्ताह दो प्रतिनिधिमंडल मिले थे, जिन्होंने “महान परिवर्तन” दिखाया।

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इजरायली राष्ट्रपति से मिला था प्रवासी पाकिस्तानियों का प्रतिनिधिमंडल
उन्होंने बताया कि पहला प्रतिनिधिमंडल मोरक्को के युवा ओपिनियन मेकर्स का था। उन्होंने फेसबुक पर इजरायली ग्रुप के साथ गठबंधन किया है। वे दोनों एक घंटे के लिए हमारे साथ आए और बैठे। उनकी बाधाओं को तोड़ने और आगे बढ़ने के अनुभव को सुनना आश्चर्यजनक था। हर्ज़ोग ने कहा कि दूसरा प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तानी प्रवासियोंका था, जो अमेरिका में रहते हैं। और मुझे कहना होगा कि यह एक अद्भुत अनुभव था। हमारे पास इस तरह के पाकिस्तानी नेताओं का ग्रुप नहीं है। और यह सब अब्राहम समझौते से उपजा है।

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पीटीआई ने शहबाज शरीफ सरकार पर साधा निशाना
इस खबर के सामने आते ही पाकिस्तान में बवाल मच गया। विपक्षी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने शहबाज शरीफ सरकार पर निशाना साधा है। पीटीआई नेता शिरीन मजारी ने व्यंग करते हुए कहा कि आयातित सरकार ने अमेरिका से किए गए वादे को पूरा किया है। उन्होंने इसे शर्मनाक अधीनता करार दिया। वहीं पीटीआई के दूसरे वरिष्ठ नेता इमरान इस्माइल ने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी अध्यक्ष इमरान खान को “यहूदी एजेंट” कहा था, उनका पूरा जीवन अब “प्रमाणित यहूदी एजेंट और गुलाम” साबित हुआ है।

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पाकिस्तान सरकार ने झाड़ा पल्ला
पाकिस्तान इजरायल को मान्यता नहीं देता है और इसलिए उसके साथ उसके राजनयिक संबंध नहीं हैं। पाकिस्तान फिलिस्तीनी राज्य की मांगों का कट्टर समर्थक रहा है। अब्राहम समझौते के बाद, पाकिस्तान ने स्पष्ट कर दिया था कि वह तब तक इजरायल को मान्यता नहीं दे सकता जब तक कि “फिलिस्तीनी मुद्दे का न्यायसंगत समाधान” नहीं मिल जाता। इजरायल और पाकिस्तान के बीच एकमात्र ज्ञात बातचीत 1 सितंबर, 2005 को तत्कालीन विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी और उनके इजरायली समकक्ष सिल्वान शालोम के बीच हुई थी।

Source NBT

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