Mosque Survey Demand: देश की सभी पुरानी मस्जिदों का कराया जाए सर्वे? सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका

Mosque Survey demand in Supreme Court: ज्ञानवापी, मथुरा और कुतबमीनार परिसर में मौजूद मस्जिदों को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर एक याचिका में सौ साल से ज़्यादा पुरानी मस्जिदों के सर्वे (Mosque Survey) की मांग की गई है. वकील शुभम अवस्थी और सप्त ऋषि मिश्रा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि कोर्ट ASI या दूसरी किसी सरकारी एजेंसी को ऐसी मस्जिदों के सर्वे का निर्देश दे. सर्वे की प्रकिया गोपनीय रहे और किसी निष्कर्ष तक पहुंचने तक इन पुरानी मस्जिदों में फिलहाल वजू तालाब का इस्तेमाल पर भी रोक रहे. वजू के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए.

ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग का हवाला

वकील विवेक नारायण शर्मा के जरिए दाखिल याचिका में कहा गया है कि ज्ञानवापी परिसर में एक तालाब में शिवलिंग मिला है. इस तालाब का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ने से पहले वजू के लिए करते थे. नमाज पढ़ने से पहले यहां हाथ पैर धोए जाते है. जाहिर है कि ये हरकत हिंदू धर्म और देवताओं में आस्था रखने वाले असंख्य श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान है. याचिका में आशंका जाहिर की गई है कि ऐसा दूसरी मस्जिदों में भी हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि  इन सभी जगहों का गोपनीय सर्वे (Mosque Survey) हो, ताकि अगर कोई दूसरे धर्म का धार्मिक अवशेष मिलता है तो उसको सुरक्षित रखा जाए.

‘बाहरी हमलवारों ने मन्दिरों को ध्वस्त किया’

याचिका में कहा गया है कि ये सर्वविदित है कि मध्यकाल में बाहरी विदेशी हमलवारों ने हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध के बहुत सारे धार्मिक स्थानों को ध्वस्त कर दिया. ऐसे में इस बात की पूरी सम्भावना है कि हमले के बाद मस्जिद में तब्दील हुए इन धार्मिक स्थलों पर अभी भी  देवी देवताओं की मूर्तियां, दूसरे धार्मिक अवशेष मौजूद हो. ऐसे में सामाजिक सौहार्द के लिए जरूरी है कि इन धार्मिक प्रतीकों को सम्मान के साथ संरक्षित रखा जाए ताकि दूसरे धर्म के मानने वाले लोगों की धार्मिक भावना आहत न हो.

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याचिका में गोपनीय सर्वे की मांग

याचिका में कोर्ट (Supreme Court) से मांग की गई है कि वो केंद्र सरकार को निर्देश दे कि ऐसी सभी मस्जिदों का ASI गोपनीय सर्वे (Mosque Survey) कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें. इस दौरान ऐसी जगहों पर किसी और को दखल देने की इजाज़त न हो.

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Source Zee News

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