कुछ लोग देश को धर्मशाला समझें, ये बर्दाश्त नहीं करेंगे, जानिए कैलाश विजयवर्गीय ने क्यों कही ये बात?

राहुल सिंह राठौर/उज्जैनः भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अपने एक बयान में कहा कि कुछ लोग देश को धर्मशाला समझेंगे तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भाजपा नेता ने हाल ही में पटियाला में हुए विवाद पर कहा कि आम आदमी पार्टी खालिस्तानियों की समर्थक है. लाउडस्पीकर विवाद और हनुमान चालीसा पर भी अपनी बात कही. 

क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय
भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय आज बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन का लाभ लिया और करीब आधा घंटा मंदिर में बिताया. उन्होंने नंदी हॉल में ओम नमः शिवाय का जाप भी किया. दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने लाउडस्पीकर विवाद पर कहा कि राज्य सरकारें न्यायालय का आदेश नहीं मान रही हैं. यही अराजकता का मुख्य कारण है. कैलाश विजयवर्गीय ने लाउडस्पीकर पर योगी सरकार के एक्शन को लेकर कहा कि मुझे लगता है कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन राज्य सरकारें करेंगी तो जल्द डेसीबल के अनुसार, ध्वनि को नियंत्रित किया जा सकेगा. 

राजस्थान जम्मू में हनुमान चालीसा पर कही ये बात
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस तरह की अलगाववादी बातें नहीं होनी चाहिए. सब अपनी आस्था के अनुरूप काम करें लेकिन ये साफ है कि कुछ लोग इस देश को धर्मशाला समझें तो ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. देश में हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, कानून व्यवस्था है. उन्हें मानना चाहिए. पटियाला में हिंदूवादी संगठन और सिखों के बीच खालिस्तान को लेकर हुए विवाद पर भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब की आप सरकार खालिस्तानियों की समर्थक है, ये सभी जानते हैं.ये सफ नजर आ रहा था कि ऐसा होगा. 

भाजपा नेता ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में सभी धार्मिक स्थलों के विकास कार्य चल रहे हैं. चाहे केदारनाथ हो, बद्रीनाथ हो, काशी हो या महाकाल हों. मोदी जी का एक ही विजन है. भारत की संस्कृति का विश्व में प्रचार प्रसार हो. विश्व में तभी शांति होगी, जब दुनिया भारत की तरफ आकर्षित होगी. कभी भी मिसाइल, बम टैंक शांति नहीं ला सकते, शांति सिर्फ अध्यात्म ही ला सकता है. सभी धार्मिक स्थल हमारे पावर स्टेशन हैं. जहां से हमें ऊर्जा, अध्यात्म और शांति मिलती है. 

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ब्रह्मांड का कोई नायक है, पावर स्टेशन है तो वो महाकाल बाबा हैं. मैं तो बचपन से ही यहां आता रहा हूं. बाबा के दर्शन करने के बाद जो अनुभूति मिलती है, वो अलग ही है. 

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