डेथ एनिवर्सरी: नरगिस के प्यार में हाथ जलाते थे राज कपूर, एक्ट्रेस ने रेखा को कहा था पागल

एक घंटा पहले

आज वेटरन एक्ट्रेस नरगिस दत्त की डेथ एनिवर्सरी है। हिंदी सिनेमा को नरगिस ने एक से एक बढ़कर फिल्में दीं हैं। लेकिन ‘मदर इंडिया’ में उनका किरदार सदियों तक याद रखा जाएगा। एक्ट्रेस नरगिस दत्त का जन्म 1 जून 1929 को कलकत्ता में एक पंजाबी मुस्लिम परिवार में हुआ था। इनका असली नाम फातिमा राशिद था। इनके पिता का नाम उत्तमचंद मूलचंद और माता का नाम जद्दनबाई था। नरगिस की मां एक क्लासिकल सिंगर थी और साथ ही हिंदी सिनेमा में इनका भी बहुत नाम था।

6 साल के उम्र से की अपने फिल्मी करियर की शुरुआत

नरगिस ने महज 6 साल के उम्र में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्म तलाशे हक से की थी। इसके बाद से नरगिस ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। इसके बाद यह चौदह साल की उम्र में निर्देशक महबूब खान की फिल्म तकदीर में नजर आई। इन्होंने 1940 और 1950 के दशक में कई हिंदी फिल्मों में काम किया, जैसे बरसात, अंदाज, आवारा, दीदार, श्री 420, चोरी चोरी आदि। नरगिस और राजकपूर ने 16 फिल्मों में एक साथ काम किया। बाद में राजकपूर के साथ संबंधों को लेकर वे काफी विवादों में भी रहीं।

नरगिस के प्यार में हाथ जलाते थे राज कपूर

नरगिस, एक्टर सुनील दत्त का पहली नजर का प्यार थीं। खूबसूरत नरगिस को देखते ही सुनील अपना दिल बैठे थे। दोनों को साल 1957 की फिल्म मदर इंडिया में साथ काम करने का मौका मिला। फिल्म की शूटिंग के दौरान नरगिस राज कपूर से हुए ब्रेकअप से उभरने की कोशिश में थीं और सुनील उन्हें इंप्रेस किए जा रहे थे। शूटिंग के दौरान सेट पर बुरी तरह आग लग गई।

इस हादसे के दौरान सुनील ने अपनी जान की बाजी लगाकर नरगिस की जान बचाई थी। इस हादसे के बाद नरगिस और सुनील अच्छे दोस्त बन गए। एक दिन नरगिस को घर छोड़ते हुए सुनील ने उन्हें प्रपोज करने की ठानी। सुनील सोच चुके थे कि अगर नरगिस उनका प्रपोजल रिजेक्ट करेंगी तो वो सब कुछ छोड़कर अपने गांव वापस चले जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, नरगिस तुरंत शादी के लिए राजी हो गईं।

शादी के बाद दोनों के तीन बच्चे संजय दत्त, प्रिया दत्त और नमृता हुए। जब राज कपूर ने सुनील दत्त के साथ नरगिस की शादी की खबर सुनी तो वो अपने आप को सिगरेट से हाथ जलाते थे, ये देखने के लिए कि कहीं वो सपना तो नहीं देख रहे। इसके बाद से ही राज कपूर ने बेइंतहा शराब पीनी शुरू कर दी।

डॉक्टर्स ने सुनील दत्त को दी नरगिस को मारने की सलाह

नरगिस को कैंसर की बीमारी थी। उनके पूरे शरीर में बहुत दर्द रहता था। डॉक्टर्स ने सुनील दत्त को सलाह दी कि वो नरगिस का लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटा दें लेकिन सुनील दत्त ने ऐसा करने से मना कर दिया। साल 1981 के मई माह में संजय दत्त की पहली फिल्म ‘रॉकी’ रिलीज होने वाली थी।

नरगिस उस वक्त काफी बीमार चल रही थीं। लेकिन वो बेटे की फिल्म देखने को बेचैन थीं और उन्होंने संजू से कहा था कि उनकी तबीयत चाहे कितनी भी खराब हो और भले ही उन्हें स्ट्रेचर पर भी ले जाना पड़ा, तब भी वो फिल्म जरूर देखेंगी। फिल्म 8 मई को रिलीज होनी थी लेकिन 3 मई को ही नरगिस की मौत हो गई।

नरगिस के कॉन्ट्रोवर्सी के किस्से

नरगिस दत्त वो अदाकारा जो अपनी एक्टिंग के साथ बेबाक बयानों के लिए भी जानी जाती रहीं , जिन्होंने ऑस्कर विजेता डायरेक्टर पर संसद में बयान दिया कि सत्यजीत इज ए रे नाॅट ए सन। इन्होंने सत्यजीत रे की फिल्मों पर बात करते हुए ये भी कहा कि वो अपनी फिल्मों में सिर्फ गरीब भारत को ही पोट्रे करते हैं।

नरगिस और मीना कुमारी बहुत अच्छी दोस्त थीं। मीना कुमारी और उनके पति लेखक कमाल आरोही के बीच की सारी दर्दनाक कहानी नरगिस जानतीं थी। 36 साल कि उम्र में जब मीना की मौत हुई तो नरगिस ने कहा – ‘तुम्हें तुम्हारी मौत मुबारक। दुबारा इस दुनिया में कदम मत रखना। क्योंकि ये दुनिया तुम्हारे लायक नहीं है।’

नरगिस ने एक बार रेखा के बारे भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि रेखा को साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम है।

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