बाबा महाकाल बचाएंगे 2023 में शिवराज की सरकार? PM मोदी का चेहरा और महाकाल कॉरिडोर को लेकर क्या है BJP की पूरी प्लानिंग

भोपाल/उज्जैन: मध्य प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनाव को लेकर अभी से प्लानिंग में जुट गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि एक बार फिर से बीजेपी हिंदुत्व को केंद्र में रखकर ही पूरा चुनाव प्रचार का खांका तैयार करेगी। हालांकि इस बार हिंदुत्व के मुद्दे को यूपी विधानसभा की तर्ज पर प्रयोग में लाया जाएगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने हिंदुत्व के मुद्दे पर वोटरों को जाति के बंधन से ऊपर उठकर एकजुट होने के लिए अयोध्या और वाराणसी में मंदिर और कॉरिडोर निर्माण के मुद्दे को जोरशोर से प्रचारित किया था। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर निर्माण को अपने चुनाव प्रचार के केंद्र में रख सकती है। यही वजह है कि इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता भेजा गया है।

महाकाल कॉरिडोर का लोकार्पण PM मोदी से क्यों?
शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के अंदर सर्वमान्य नेता और चेहरा हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर महाकाल कॉरिडोर के लोकार्पण के लिए बीजेपी पीएम मोदी को क्यों बुलाना चाहती है। इसकी मुख्य वजह यह है कि बीजेपी उज्जैन कॉरिडोर का लाभ ना केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश में लेना चाहती है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि मौजूदा दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदुत्व के सबसे बड़े चेहरे हैं। पीएम मोदी हिंदुओं की आस्था से जुड़ा कोई भी काम करेंगे तो उसक इम्पैक्ट पूरे देश में होगा। इतना ही नहीं, हिंदुत्व के प्रतीक चिन्हों पर पीएम मोदी कुछ भी बोलते हैं तो उसका अलग प्रभाव होता है। बीजेपी इस बात को बखूबी समझती है, इसलिए पार्टी चाहती है कि अगर पीएम मोदी महाकाल कॉरिडोर का लोकार्पण करते हैं तो इसका लाभ ना केवल 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी दिख सकता है।

वाराणसी कॉरिडोर के जरिए पीएम मोदी ने देशवासियों को संदेश देने की कोशिश की थी उनकी पार्टी की सरकार हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार के लिए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को भी बढ़ावा देती है। महाकाल कॉरिडोर उसी अभियान का एक हिस्सा होगा। पूरे देश में अलग-अलग जातियों के करोड़ों शिवभक्त महाकाल कॉरिडोर के नाम पर एकजुट होंगे, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को हो सकता है।

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बीजेपी का टेस्टेड फार्म्युला है विकास+हिंदुत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के अपने पहले कार्यकाल में ही ‘काशी बनेगा क्योटो’ की बात कही थी। इसके जरिए बीजेपी ने संदेश देने की कोशिश की थी वह देश में इस तर्ज पर विकास कार्य कराएगी जिससे हिंदुत्व के प्रतीक चिन्हों और सांस्कृतिक विरासत का भी विस्तार होगा। बीजेपी के विकास+हिंदुत्व के इस फॉर्म्युले की पहली रायशुमारी 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में देखने को मिली थी। 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में तो यह फार्म्युले हिट रहा। इसके बाद बीजेपी समझ चुकी है कि इस टेस्टेड फॉर्म्युले को अगर मध्य प्रदेश समेत अन्य दूसरे राज्यों में भी आजमाया जाए तो इसका लाभ लिया जा सकता है।

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महाकाल कॉरिडोर में क्या होगा खास

  • उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर पर सरकार 714 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान तैयार की है। इसमें 422 करोड़ रुपये शिवराज सिंह चौहान की सरकार खर्च कर रही है। 21 करोड़ रुपये मंदिर समिति ने दिए हैं। बाकी 271 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने दिए हैं।
  • महाकाल कॉरिडोर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से 3 गुना बड़ा होगा।
  • महाकाल मंदिर फिलहाल 2.82 हेक्टेयर में फैला है। कॉरिडोर बनने के बाद यह एरिया 20.23 हेक्टेयर हो जाएगा।
  • महाकाल कॉरिडोर 900 मीटर का होगा।
  • कॉरिडोर को पूरा करने के लिए मंदिर के आसपास के 152 भवनों का अधिग्रहण किया गया है।
  • महाकाल कॉरिडोर में बाबा महाकाल के मुख्यमंदिर को क्षिप्रा नदी से कनेक्ट किया जाएगा।

कांग्रेस की सरकार में रखी गई महाकाल कॉरिडोर प्रोजेक्ट की नींव
बता दें कि कांग्रेसी कमलनाथ ने मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर की नींव रखी थी। कांग्रेस इस प्रोजेक्ट के जरिए सॉफ्ट हिंदुत्व के मुद्दे को जाहिर करने की तैयारी में थी। कमलनाथ सरकार के प्लान के मुताबिक इसपर 300 करोड़ रुपये खर्च होने थे। हालांकि कमलनाथ की सरकार गिरने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाकाल प्रोजेक्ट को लेकर अलग से तैयारी की है। इसके साथ ही कमलनाथ और कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व की प्लानिंग धरी की धरी रही गई है। बीजेपी इस महाकाल कॉरिडोर के लोकार्पण को ग्रैंड सेलिब्रेशन बनाने की तैयारी में है। तैयारी के मुताबिक 5 लाख घरों तक प्रसाद के साथ पुस्तिका पहुंचाने का प्लान है। उज्जैन का हर गली, चौराहा सजाया जाएगा। इसके अलावा लेजर शो और आतिशबाजी का विशेष इंतजाम किया जाएगा।

Source NBT

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