Taliban Terror: वादा था सुरक्षा का, 500 लोगों को तालिबान ने दी मौत या कर दिया गायब

Taliban Punishing Afghan People: (रिपोर्ट – पुष्पेंद्र कुमार) पिछले साल अगस्त में तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया था. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया था. 15 अगस्त, 2021 का वो दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद (Zabiullah Mujahid) ने बहुत बड़ी-बड़ी बातें की थीं. दुनिया को एक नई प्रगतिशील तालिबानी सत्ता की खूबसूरत तस्वीर दिखाने की कोशिश की थी. धीरे-धीरे अब उस तस्वीर के रंग फीके पड़ने लगे हैं.

लड़कियों की पढ़ाई पर लगाया प्रतिबंध

तालिबानी सत्ता ने म्यूजिक पर बैन लगाया. इसके अलावा लड़कियों की पढ़ाई पर भी प्रतिबंध (Ban) लगा दिया. तालिबान ने बड़ा दिल दिखाते हुए कहा था कि पिछली सरकार के किसी भी अधिकारी या अमेरिका और सहयोगियों के लिए काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. तालिबान (Taliban) ने अपना पुराना रूप दिखाते हुए इस वादे के खिलाफ जाते हुए बेहद ही भयावह काम किया है. 

डिफेंस एक्सपर्ट की राय

डिफेंस एक्सपर्ट शैलेंद्र सिंह (Shailendra Singh) के मुताबिक, ‘तालिबान जैसे आतंकी संगठन अपने खिलाफ उठने वाली आवाजों का गला घोंटना अपना जन्म-सिद्ध अधिकार समझते हैं. इसलिए तालिबान ने एक सोचा समझा बयान दिया कि वो किसी को नहीं मारेंगे. लेकिन अब वो ऐसे लोगों को चुन-चुन कर मार रहे हैं जो उनके खिलाफ हैं. तालिबान ने जो वादा किया था वो सिर्फ रस्म अदायगी भर था, दुनिया को सुनाने के लिए जो दुनिया सुनना चाहती थी.’

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500 अफगानी अधिकारियों की हत्या या किडनैपिंग

अमेरिकी अखबार न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान ने अपनी सत्ता के 6 महीने के अंदर ही अफगानिस्तान की पुरानी सरकार और सुरक्षा बलों (Security Forces) के 500 लोगों को या तो मौत के घाट उतार दिया है या फिर गायब कर दिया. न्यू यॉर्क टाइम्स के मुताबिक उनकी टीम ने 7 महीने तक जांच-पड़ताल करने के बाद तालिबान का ये बदले का खेल उजागर किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा नहीं है कि ये काम किसी एक खास इलाके में हुआ है. तालिबान ने अफगानिस्तान के हर इलाके में परिवारों को उजाड़ कर ये खूनी खेल खेला और दुनिया के सामने किए गए अपने वादों को खोखला और झूठा साबित किया है. 

रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि अफगानिस्तान के बागलान प्रांत (Baglan Province) में 86 लोगों का खून तालिबान ने बहाया जबकि कंधार में 114 लोगों को गायब कर दिया गया या किडनैप कर लिया गया. इस बारे में डिफेंस एक्सपर्ट शैलेंद्र सिंह ने बताया, ‘तालिबान दुनिया को भले ही दिखाए कि वो बदले हुए हैं लेकिन हत्या (Murder) करना उनकी आदत है. ये ऐसे नए तालिबानी हैं जो बेहद ही खामोशी से अमेरिका के लिए सहानुभूति रखने वाले और एंटी तालिबानी अधिकारियों की हत्या कर रहे हैं. जीन्स कभी नहीं बदलता है. तालिबान के लिए हत्या करना उनके नैतिक मूल्यों में शामिल है. सत्ता का आतंक फैलाना और खून-खराबा तालिबान का मूल स्वभाव है.’

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अमेरिका जिम्मेदार है अफगानिस्तान के हालात के लिए

सवाल है कि अफगानिस्तान और वहां की आवाम के इन हालातों का जिम्मेदार कौन है? इस सवाल के जवाब के तौर पर अमेरिका (America) का नाम ही जहन में आता है. हालांकि डिफेंस एक्सपर्ट शैलेंद्र सिंह कहते हैं, ‘US पर अफगानिस्तान के इन हालातों की जिम्मेदारी ज्यादा है लेकिन साथ ही इस्लामी कट्टरपंथी राज्य का समर्थन करने वाले देशों को भी इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. अफगानिस्तान की जनता भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती जिसने तालिबान को अपने देश में पनपने दिया. कुछ हद तक संयुक्त राष्ट्र (United Nations) को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए जो सिर्फ एक दर्शक के तौर पर हालात बिगड़ते देखता रहा.’

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