कंगना रनौत को अंधाधुंध ऑक्सीजन लेने पर आपत्ति, बोलीं- हमने अपनी गलतियों से कुछ नहीं सीखा | Kangana Ranaut objected to taking oxygen indiscriminately said


कंगना रनौत ने यहां तक कह दिया कि, हमनें आपदाओं और अपनी गलतियों से कुछ नहीं सीखा है. (File Photo)

कंगना रनौत ने यहां तक कह दिया कि, हमनें आपदाओं और अपनी गलतियों से कुछ नहीं सीखा है. (File Photo)

कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने दूसरे ट्वीट में लिखा है, ‘लोगों के लिए अधिक से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार को नेचर रिलीफ के लिए भी घोषणा करनी चाहिए. जो लोग इस ऑक्सीजन का प्रयोग कर रहे हैं, उन्हें एयर क्वॉलिटी में सुधार करने का भी प्रण करना चाहिए.

मुंबई. कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर के कारण देशभर में हाहाकार की स्थिति हो गई है. देश के हर हिस्से में बड़ी संख्या में वायरस से संक्रमित लोग हॉस्पिटल में बेड, ऑक्सीजन, इंजेक्शन और दवाइयों की कमी से जूझ रहे हैं. इनके अभाव में हजारों ऐसे संक्रमितों की जान जा चुकी है, जिन्हें बचाया जा सकता है. देश भर में लोग ऑक्सीजन की बड़े पैमाने पर मांग कर रहे हैं. अस्पताल, राज्य सरकार, केंद्र सरकार, सेना, प्राइवेट कंपनिया सभी ऑक्सीजन की सप्लाई को बढ़ाने के लिए उसके प्रोडक्शन को बढ़ाने में जुट गई हैं. इसके लिए अपने स्तर प्लांट्स स्थापित करने की भी कोशिशें की जा रही हैं. इस भयावह समय में जब जनता में सरकार के प्रति बहुत गुस्सा है. ऑक्सीजन बढ़ाने की कोशिशों से कंगना रनौत खुश नहीं हैं. उन्होंने पर्यावरण से बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन लेने पर आपत्ति जताई है. उन्होंने यहां तक कह दिया है कि, हमनें आपदाओं और अपनी गलतियों से कुछ नहीं सीखा है. ऑक्सीजन की भरपाई कैसे कर रहे हैं​​​​​​​? कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने ट्वीट में लिखा है, ‘हर शख्स अधिक से अधिक ऑक्सीजन​​​​​​​ प्लांट्स स्थापित कर रहा है, जिससे कई टन ऑक्सीजन सिलेंडर बनाए जा सकें. हम उस ऑक्सीजन को कैसे वापस कर रहे हैं, जो हम पर्यावरण से अभी जबरदस्ती ले रहे हैं? लगता है कि हमने अपनी गलतियों और आपदाओं से कुछ नहीं सीखा है. हमें बड़े पैमाने पर पेड़ लगाना चाहिए.’

कंगना रनौत की पोस्ट.

कंगना ने दूसरे ट्वीट में लिखा है, ‘लोगों के लिए अधिक से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार को नेचर रिलीफ के लिए भी घोषणा करनी चाहिए. जो लोग इस ऑक्सीजन का प्रयोग कर रहे हैं, उन्हें एयर क्वॉलिटी में सुधार करने का भी प्रण करना चाहिए. हम कब तक दुखी कीड़े बनकर केवल नेचर से लेते रहेंगे और उसे कभी वापस नहीं लौटाएंगे.’ इसके आगे भी कंगना रनोट ने लिखा है, ‘याद रखें यदि पृथ्वी से सूक्ष्म जीव या कीड़े गायब हुए तो यह मिट्टी की उर्वरता और धरती मां को प्रभावित करेगा और धरती मां उन्हें याद करेंगी, लेकिन यदि इंसान गायब हो जाता है, तो धरती केवल और केवल फलती-फूलती रहेगी. अगर आप उसके प्रेमी या बच्चे नहीं हैं, तो आप अनावश्यक हैं. पेड़ लगाएं.’



.



News Source

अपनी राय दें