अमेरिकी कवयित्री लुईस ग्लक को मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार

अमेरिकी कवयित्री लुईस ग्लक को मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार


स्टॉकहोम: नोबेल समिति ने ग्लिक के रचना कार्य की सराहना की जिन्हें यह पुरस्कार ‘‘शानदार काव्य शैली के लिए दिया गया है, जो व्यक्तिगत अस्तित्व को सार्वभौमिक पहचान दिलाती है और जिसमें सादगी भरी सुंदरता का अप्रतिम वर्णन है.’’स्वीडिश एकेडमी के स्थायी सचिव मैट्स माल्म ने स्टॉकहोम में बृहस्पतिवार को साहित्य के नोबेल पुरस्कार की घोषणा की. नोबेल एकेडमी ने कहा कि न्यूयॉर्क में जन्मीं ग्लिक ने 1968 में अपनी पहली रचना ‘फर्स्टबॉर्न’ लिखी और वह जल्द ही अमेरिकी समकालीन साहित्य के सर्वाधिक जाने-माने कवियों की श्रेणी में शामिल हो गईं. ग्लिक (77) येल यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं. एकेडमी ने कहा कि उनकी कविताएं प्राय: बाल्यावस्था, पारिवारिक जीवन, माता-पिता और भाई-बहनों के साथ घनिष्ठ संबंधों पर केंद्रित रही हैं.

शानदार है एवर्नो संग्रह
इसने कहा कि 2006 में आया उनका संग्रह ‘एवर्नो’ एक शानदार संग्रह है जो मृत्यु के देवता हेड्स की कैद में नरक में पर्सफेनी की मिथक (यूनानी पौराणिक कथा) की शानदार व्याख्या है. नोबेल साहित्य समिति के अध्यक्ष एंडर्स ओल्सन ने कहा कि ग्लिक के 12 कविता संग्रह हैं जिनमें स्पष्टता की चाहत दिखती है.

बेहतरीन है आवाज
ओल्सन ने कहा कि इनमें ‘डिसेंडिंग फिगर’ और ‘द ट्राइंफ ऑफ एकिलेस’ जैसे संग्रह शामिल हैं. उन्होंने ग्लिक की सराहना करते हुए कहा, ‘‘उनकी आवाज शानदार और दृढ़ है.’’
यह पुरस्कार कई साल के विवाद के बाद दिया गया है. वर्ष 2018 में यह पुरस्कार तब टाल दिया गया था जब स्वीडिश एकेडमी यौन शोषण के आरोपों से हिल उठी थी और इसके सदस्यों को सामूहिक रूप से इस्तीफा देना पड़ा था. नोबेल फाउंडेशन ट्रस्ट का विश्वास पुन: प्राप्त करने के लिए एकेडमी ने खुद का पुनर्गठन किया और फिर पिछले साल दो विजेताओं का चयन किया गया. 2018 का पुरस्कार पोलैंड की ओल्गा तोकरजुक और 2019 का पुरस्कार ऑस्ट्रिया के पीटर हैंडके के खाते में आया.

हैंडके पुरस्कार को लेकर विवादों में आया नाम
हैंडके के पुरस्कार को लेकर विरोध भड़क उठा. 1990 के दशक के बाल्कन युद्ध के दौरान सर्ब बलों के समर्थक रहे हैंडके को सर्ब युद्ध अपराधों का समर्थक कहा जाता रहा है. अल्बानिया, बोस्निया और तुर्की सहित कई देशों ने विरोध में नोबेल पुरस्कार समारोह का विरोध किया और साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए साहित्यकारों का चयन करने वाली समिति के एक सदस्य ने इस्तीफा दे दिया.

नोबल पुरस्कार में मिलते हैं  8.20 करोड़ रुपये
नोबेल पुरस्कार के तहत स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 8.20 करोड़ रुपये) की राशि दी जाती है. स्वीडिश क्रोनर स्वीडन की मुद्रा है. यह पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर दिया जाता है. इससे पहले, रसायन विज्ञान और भौतिकी सहित कई क्षेत्रों में इस साल के नोबेल पुरस्कार की घोषणा की जा चुकी है. शांति एवं अर्थशास्त्र के क्षेत्र में इस पुरस्कार की घोषणा की जानी अभी बाकी है. 





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