नेशनल चैंपियनशिप के इंतजार में खिलाड़ी, अभी तक नहीं हुई सब जूनियर, जूनियर व सीनियर चैंपियनशिप

नेशनल चैंपियनशिप के इंतजार में खिलाड़ी, अभी तक नहीं हुई सब जूनियर, जूनियर व सीनियर चैंपियनशिप


अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

Updated Thu, 08 Oct 2020 05:41 AM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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कोरोना और राष्ट्रीय खेल संघों पर लगे प्रतिबंध के चलते किसी भी राष्ट्रीय खेल संघ ने अब तक साल 2020 की नेशनल चैंपियनशिप नहीं करवाई है। इसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। खिलाड़ी खेल संघों से सब जूनियर, जूनियर और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप कराने की गुहार लगा रहे हैं। वहीं खेल संघ कह रहे हैं जब तक खेल मंत्रालय की मान्यता और चैंपियनशिप के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के दिशा-निर्देश जारी नहीं किए जाते हैं तब यह संभव नहीं है।

बंद पड़ी है 22 लाख की सहायता : 

भारोत्तोलन और कुश्ती संघ को छोड़ सभी खेल संघों की खेल मंत्रालय से मान्यता रद्द है। ऐसे में चैंपियनशिप के आयोजन के लिए मंत्रालय से मिलनी वाली 22 लाख रुपये (पांच सीनियर, सात जूनियर और 10 लाख सब जूनियर के लिए) की सहायता भी नहीं मिल सकती है।

अहम है नेशनल का प्रमाण पत्र : 

खिलाड़ी के लिए नेशनल में जीते गए पदक का प्रमाण पत्र अहम है। इससे न सिर्फ कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एडमीशन कोटा मिलता है, बल्कि नौकरी में भी लाभ मिलता है। कई एंट्रेंस परीक्षाओं में भी इसका लाभ मिलता है। यही कारण है कि खिलाड़ी चैंपियनशिप के आयोजन की गुहार लगा रहे हैं। यही नहीं हरियाणा औ उत्तर प्रदेश सहित कई राज्य नेशनल में पदक जीतने पर खिलाड़ियों को मोटा कैश अवार्ड देते हैं।

कुश्ती संघ, निशानेबाजी संघ, बॉक्सिंग फेडरेशन और वुशु एसोसिएशन ने दिसंबर में नेशनल कराने की तैयारी कर रखी है, लेकिन काफी कुछ खेल संघों की मान्यता बहाली पर निर्भर करेगा। वुशू एसोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल सुहेल अहमद कहते हैं कि मान्यता मिलने से मंत्रालय की सहायता राशि मिल जाएगी। तब नेशनल का आयोजन का संभव है। वहीं भारोत्तोलन संघ के सेक्रेेटरी जनरल सहदेव यादव कहते हैं कि सरकार की ओर से नेशनल चैंपियनशिप के आयोजन के लिए दिशा-निर्देश जारी नहीं होने तक चैंपियनशिप नहीं होगी।

कोरोना और राष्ट्रीय खेल संघों पर लगे प्रतिबंध के चलते किसी भी राष्ट्रीय खेल संघ ने अब तक साल 2020 की नेशनल चैंपियनशिप नहीं करवाई है। इसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। खिलाड़ी खेल संघों से सब जूनियर, जूनियर और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप कराने की गुहार लगा रहे हैं। वहीं खेल संघ कह रहे हैं जब तक खेल मंत्रालय की मान्यता और चैंपियनशिप के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के दिशा-निर्देश जारी नहीं किए जाते हैं तब यह संभव नहीं है।

बंद पड़ी है 22 लाख की सहायता : 

भारोत्तोलन और कुश्ती संघ को छोड़ सभी खेल संघों की खेल मंत्रालय से मान्यता रद्द है। ऐसे में चैंपियनशिप के आयोजन के लिए मंत्रालय से मिलनी वाली 22 लाख रुपये (पांच सीनियर, सात जूनियर और 10 लाख सब जूनियर के लिए) की सहायता भी नहीं मिल सकती है।

अहम है नेशनल का प्रमाण पत्र : 
खिलाड़ी के लिए नेशनल में जीते गए पदक का प्रमाण पत्र अहम है। इससे न सिर्फ कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एडमीशन कोटा मिलता है, बल्कि नौकरी में भी लाभ मिलता है। कई एंट्रेंस परीक्षाओं में भी इसका लाभ मिलता है। यही कारण है कि खिलाड़ी चैंपियनशिप के आयोजन की गुहार लगा रहे हैं। यही नहीं हरियाणा औ उत्तर प्रदेश सहित कई राज्य नेशनल में पदक जीतने पर खिलाड़ियों को मोटा कैश अवार्ड देते हैं।

कुश्ती संघ, निशानेबाजी संघ, बॉक्सिंग फेडरेशन और वुशु एसोसिएशन ने दिसंबर में नेशनल कराने की तैयारी कर रखी है, लेकिन काफी कुछ खेल संघों की मान्यता बहाली पर निर्भर करेगा। वुशू एसोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल सुहेल अहमद कहते हैं कि मान्यता मिलने से मंत्रालय की सहायता राशि मिल जाएगी। तब नेशनल का आयोजन का संभव है। वहीं भारोत्तोलन संघ के सेक्रेेटरी जनरल सहदेव यादव कहते हैं कि सरकार की ओर से नेशनल चैंपियनशिप के आयोजन के लिए दिशा-निर्देश जारी नहीं होने तक चैंपियनशिप नहीं होगी।



Source Amar Ujala

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