Covid19: जापान में एक माह लंबा आपातकाल घोषित, 10 खरब डॉलर का राहत पैकेज भी मंजूर

Covid19: जापान में एक माह लंबा आपातकाल घोषित, 10 खरब डॉलर का राहत पैकेज भी मंजूर


ख़बर सुनें

कोरोना वायरस महामारी का संकट पूरी दुनिया को अपने दायरे में लाता जा रहा है। इसका संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जापान ने एक माह लंबे आपातकाल का एलान कर दिया है। इसके साथ ही इस महामारी के कारण आपातकाल लगाने वाला वह पहला देश बन गया है। जापान के पीएम शिंजो आबे ने इस आपातकाल के साथ ही 10 खरब डॉलर के राहत पैकेज को भी मंजूरी दे दी है।

फिलहाल यह आपातकाल राजधानी टोक्यो और देश के छह अन्य हिस्सों में लगाया गया है जहां यह बुधवार से लागू हो जाएगा और छह मई तक जारी रहेगा। इस आपातकाल में राज्यों के गवर्नरों को यह अधिकार दिए गए हैं कि वे लोगों के घरों में रहने की अपील करें और व्यवसायों को खुलने नहीं दें। आपातकाल की जद में देश की आबादी का करीब 44 फीसदी हिस्सा आ गया है। सरकार ने इस महामारी से निपटने के लिए 10 खरब डॉलर (74 लाख करोड़ रुपये) के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा भी की है जो देश की जीडीपी का करीब 20 फीसदी है। इसके तहत जरूरतमंदों और जिनका काम प्रभावित हो रहा है उनकी मदद की जाएगी। आपातकाल के दौरान टोक्यो के अलावा कंगावा, चीबा, साइतामा, फोकोउका, ह्योगो और ओसाका के लोगों को घरों में ही रहने की चेतावनी दी गई है।

4,000 से ज्यादा हुए संक्रमित, 93 की मौत
जापान सरकार ने देश के आर्थिक उत्पादन के 20 फीसदी के बराबर का प्रोत्साहन पैकेज मंजूर किया है। यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्थापित अमेरिकी उत्पादन के 11 फीसदी के बराबर है और जर्मनी के पैकेज के लिए पांच फीसदी आउटपुट है। बता दें कि जापान में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 4,000 से ज्यादा हो गए हैं जबकि मृतकों की संख्या 93 हो चुकी है।

पूर्णत: लॉकडाउन नहीं
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा है कि इस आपातकाल का मतलब पूर्णत: लॉकडाउन से नहीं है। इस दौरान प्रांतों के गवर्नरों को अधिकार होगा कि वे लोगों को घरों में रहने के आदेश जारी करें और बाजारों को बंद करने की सलाह दें। हालांकि इस दौरान सार्वजनिक परिवहन, खाने-पीने और दवाई की दुकानें खुली रहेंगी।

सांसदों, अधिकारियों के दबाव में थे पीएम
जापान में टोक्यो समेत सात प्रांतों में घोषित आपातकाल के फैसले को लेकर जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे अपने सांसदों और स्वास्थ्य अधिकारियों के काफी दबाव में थे। अधिकारियों और सांसदों का कहना था कि सरकार जल्द कार्रवाई करे अन्यथा देर हो जाएगी। पिछले तीन सप्ताह से सरकार यह फैसला लेने से हिचक रही थी। उसे डर सता रहा था कि अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी।

कोरोना वायरस महामारी का संकट पूरी दुनिया को अपने दायरे में लाता जा रहा है। इसका संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जापान ने एक माह लंबे आपातकाल का एलान कर दिया है। इसके साथ ही इस महामारी के कारण आपातकाल लगाने वाला वह पहला देश बन गया है। जापान के पीएम शिंजो आबे ने इस आपातकाल के साथ ही 10 खरब डॉलर के राहत पैकेज को भी मंजूरी दे दी है।

फिलहाल यह आपातकाल राजधानी टोक्यो और देश के छह अन्य हिस्सों में लगाया गया है जहां यह बुधवार से लागू हो जाएगा और छह मई तक जारी रहेगा। इस आपातकाल में राज्यों के गवर्नरों को यह अधिकार दिए गए हैं कि वे लोगों के घरों में रहने की अपील करें और व्यवसायों को खुलने नहीं दें। आपातकाल की जद में देश की आबादी का करीब 44 फीसदी हिस्सा आ गया है। सरकार ने इस महामारी से निपटने के लिए 10 खरब डॉलर (74 लाख करोड़ रुपये) के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा भी की है जो देश की जीडीपी का करीब 20 फीसदी है। इसके तहत जरूरतमंदों और जिनका काम प्रभावित हो रहा है उनकी मदद की जाएगी। आपातकाल के दौरान टोक्यो के अलावा कंगावा, चीबा, साइतामा, फोकोउका, ह्योगो और ओसाका के लोगों को घरों में ही रहने की चेतावनी दी गई है।



Source link

अपनी राय दें