101 पूर्व नौकरशाहों ने लिखा PM और सभी CM को पत्र, कहा- कोविड-19 के लिए मुस्लिमों को जिम्‍मेदार ठहराना निंदनीय

101 पूर्व नौकरशाहों ने लिखा PM और सभी CM को पत्र, कहा- कोविड-19 के लिए मुस्लिमों को जिम्‍मेदार ठहराना निंदनीय


101 पूर्व नौकरशाहों ने लिखा PM और सभी CM को पत्र, कहा- कोविड-19 के लिए मुस्लिमों को जिम्‍मेदार ठहराना निंदनीय

मुस्लिमों को जिम्‍मेदार ठहराए जाने पर लिखा गया है पत्र.

पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों को खुला खत लिखकर मुस्लिमों को प्रताड़ना से बचाने की अपील की है.

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है. दिल्‍ली में हुए तबलीगी जमात के कार्यक्रम के बाद इन मामलों में तेजी देखने को मिली थी. देश के अलग-अलग हिस्‍सों में बड़ी संख्‍या में तबलीगी जमात के लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे. अब देश के 101 पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सभी राज्‍यपालों और मुख्‍यमंत्रियों को इस संबंध में पत्र लिखा है. इसमें उनकी ओर से कहा गया है कि देश में कोविड 19 संक्रमण के मामलों की वृद्धि के लिए मुस्लिमों को जिम्‍मेदार ठहराया जाना निंदनीय है. पूर्व नौकरशाहों ने मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों को खुला खत लिखकर मुस्लिमों को प्रताड़ना से बचाने की अपील की है.

constitutionalconduct.com में प्रकाशित पत्र में कहा गया है, ‘यह काफी दुखदायी है कि हम आपके सामने देश के विभिन्‍न स्‍थानों पर हो रहे मुस्लिमों के उत्‍पीड़न की रिपोर्ट पर बात कर रहे हैं. खासकर दिल्‍ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में हुए तबलीगी जमात के कार्यक्रम को लेकर.’

पत्र में कहा गया है, ‘जब देश में COVID-19 के मामले सामने आने लगे थे, तब सोशल डिस्‍टेंसिंग के सिद्धांतों की अनदेखी के लिए तबलीगी जमात की आलोचना की गई थी. हालांकि, यह राजनीतिक और धार्मिक तरह की एकमात्र सभा थी. इसके बाद देश में कोविड 19 को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई. ऐसा दर्शाया गया कि देश के अलग-अलग हिस्‍सों में कोरोना संक्रमण फैलने की वजह तबलीगी जमात ही है. दिल्ली सरकार की सलाह को नजरअंदाज करते हुए तबलीगी जमात की ओर से कार्यक्रम आयोजित करना निंदनीय था. लेकिन इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश गैर जिम्मेदाराना और निंदनीय है.’

पत्र में नौकरशाहों ने कहा है, ‘इस तरह के मामलों से देश के कुछ हिस्सों में मुस्लिम समुदाय के प्रति शत्रुता बढ़ी है. फेक वीडियो क्लिप में कुछ मुस्लिम दुकानदारों को फल और सब्जियों पर थूकते लगाते दिखाया गया. कहा गया कि वे कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए ऐसा कर रहे हैं.’आगे कहा गया है, ‘सब्जी विक्रेताओं से उनके धर्म के बारे में पूछा गया. यहां तक ​​कि मुस्लिम नामों का उल्लेख करते हुए उनके साथ भी मारपीट की गई है. इस तरह की घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग इस समय सोशल मीडिया के माध्यम से चल रही है.

पूर्व नौकरशाहों ने कहा, ‘अब इस बात पर जोर देने की जरूरत है कि अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है कि किसी विशेष समूह को हमारे देश में दूसरों की तुलना में अधिक संक्रमण है. हम आपसे अनुरोध करते हैं कि राज्य में किसी भी समुदाय के सामाजिक बहिष्कार को रोकने के लिए सभी सार्वजनिक पदाधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दें. यह भी सुनिश्चित करें कि चिकित्सा सेवाएं, राशन और वित्तीय मदद सभी जरूरतमंदों को समान रूप से पहुंचे.’

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First published: April 24, 2020, 10:50 PM IST





Source News18

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