पचास से ज्यादा मामले जिसमें शांतिदूतो द्वारा हुई है मॉब लिंचिंग मीडिया खामोश,संसद में चौकीदार खामोश


नई दिल्ली: देश में विशेष समुदाय के शांतिदूतो द्वारा हुई है मॉब लिंचिंग मीडिया खामोश,संसद में चौकीदार खामोश,अवार्ड वापिसी गैंग खामोश हर जगह चुप्पी छायी है,लेकिन एक चोर तबरेज को भीड़ से पकड़ के पीट पीट के मार क्या दिया चौकीदार संसद में बोल पड़े तीन दिन में तबरेज की बीवी के अकाउंट में ३२ लाख रुपये आ गए Income Tax वाले हाथ पर हाथ धरे बैठे है


बॉलीवुड एक्ट्रेस और बिग बॉस विनर गौहर खान (Gauhar Khan) ने फिल्म डायरेक्टर ओनिर के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए यह बात कही. ओनिर ने ट्वीट में अमेरिका की उस रिपोर्ट का जिक्र किया था जिसमें भारत में अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ने की बात कही गई थी. गौहर खान (Gauahar Khan) ट्वीट में लिखाः ‘सत्ता में बैठे नेता जागेंगे? ये हो क्या रहा है? साल दर साल हालात और बदतर होते जा रहे हैं! अगर वह चोर भी था तो क्या यह कानून था? क्या उसका हश्र ये होना चाहिए था? शर्म करो, कुछ करने का समय आ गया है! बेशक मौजूदा विश्व कप में शिखर धवन की चोट बहुत बड़ा झटका है! ट्वीट जरूरी था! ढेर सारे प्रतिष्ठित नेताओं ने ऐसा किया! लेकिन उन लोगों की आवाज कहां है जिन्हें रोज मारा जा रहा है. आपसे प्रार्थना है कि नेता जी आपकी आवाज मायने रखती है. यह लोगों की जिंदगियां बचा सकती है. और मैच तो जीते जा ही रहे हैं! गो इंडिया, जय हिंद.’

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन संबोधित किया. अपने भाषण में नरेंद्र मोदी ने झारखंड में तबरेज़ अंसारी नाम के युवक की हत्या के वाक़ये का भी ज़िक्र किया.

इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए इस हत्या का हवाला दिया था. मोदी ने कहा कि विपक्ष झारखंड के बारे में कह रहा है कि यह प्रदेश मॉब लिंचिंग का अड्डा बन गया है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ”विपक्ष कह रहा है कि झारखंड मॉब लिंचिंग का अड्डा बन गया है. हमें युवक की मौत का दुख है. दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए. लेकिन क्या इसके लिए पूरे झारखंड को बदनाम करना ठीक है? इससे किसी का भला नहीं होगा. अपराध होने पर उचित क़ानून और संविधान के दायरे में कार्रवाई करनी चाहिए.”

मोदी ने कहा, ”दुनिया में आतंकवाद को गुड और बैड के नज़रिए से नहीं देखना होगा. हिंसा को हम अलग-अलग चश्मे से नहीं देख सकते हैं. मानवता के प्रति हमारी संवेदनशीलता रहनी चाहिए. हम केरल और पश्चिम बंगाल की हिंसा को अलग-अलग नज़रिए से नहीं देख सकते. जिसने यह काम किया है उसे कड़ी से कड़ी सज़ा मिले.”

प्रधानमंत्री ने कहा, ”मैं समझता हूं कि राजनीतिक चश्मे उतारकर देखना चाहिए. अगर ऐसा करेंगे तो उज्ज्वल भविष्य नज़र आएगा. जिन लोगों ने दिल्ली की सड़कों पर गले में टायर लटका कर सिखों को जला दिया था और उनमें संदिग्ध रहे कई लोग संवैधानिक पदों पर बैठे हैं.”

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